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Spoken word poetry in Hindi by Lokesh Gulyani
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11 FEB. 2026 · वो अभी भी राह देख रहा है उसकी कि वो कभी लौट कर आए और उसे कहे कि ' अब तुम भी आगे बढ़ सकते हो, तुम मुझसे मुक्त हुए ' पर अफ़सोस ऐसा हुआ नहीं और ये रिश्ता कसप के डीडी की तरह मारगांठ बनकर उसकी कुंडलिनी में उतर गया और उसके अगले जन्म का प्रारब्ध भी बन गया।
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3 FEB. 2026 · दूर कहीं एक मुसाफ़िर इसी ओर आता दिख रहा है। मैं अंगीठी पर कहवा चढ़ा देता हूं। आज कितने दिनों बाद कोई मेरी ड्यौढ़ी चढ़ेगा। बहुत दिन हो गए मुझे किसी हाड़-मांस के पुतले से बात किए हुए।
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24 ENE. 2026 · पहले लिखना बहुत स्वाभाविक रूप से चलता था, अब डराने लगा है। अब कागज़ के आगे बैठते ही लगता है कि क्या लिखूं जो ये कागज़ अमर हो जाए और यही सोचते-सोचते वो कागज़ एक सस्ती मौत मर जाता है।
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15 DIC. 2025 · दब कर जीने में फ़ायदा है, ऐसा मुझे सिखाया गया। मेरी सीखने की क्षमता अच्छी थी, मैं अच्छे से सीख गया। मैने औरों को सिखाया वे भी सीख गए। हम सब सीखे-सिखाए लोग हैं।
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4 DIC. 2025 · कभी-कभी लगता है कि मेरे साथ ज़िंदगी ने ठीक ही बर्ताव किया। अगर मुझे इससे कुछ भी ज़्यादा हासिल हो गया होता तो शायद मैं इस मुगालते में रह जाता कि मैं भी एक काबिल इंसान हूं।
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4 DIC. 2025 · एक समय के बाद आदमी का मन शराब की कड़वाहट को ही झेल सकता है, प्रेम के प्रेत को नहीं।
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19 NOV. 2025 · चमत्कार की उम्मीद करना उसके घटने की संभावना को क्षीण ही करता है। So, let the universe do the talking while you gaze at the stars.
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2 NOV. 2025 · पता नहीं कब और कैसे मैं कालपुरुष के सामने आत्मसमर्पण करता चला गया। मुझे याद नहीं पड़ता कि कभी कालपुरुष ने मुझे डराया हो पर किसी पुरुष ने तो डराया ही होगा। बेड़ा गर्क हो इन यूट्यूब चैनल वालों का।
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22 OCT. 2025 · पीने के बाद भी मैं सही सलामत घर लौट आता हूं। इसी से पता चल जाता है कि मैं सही हूं, और डिमेंशिया अभी बहुत दूर की कौड़ी है। और फिर मैने इतनी हॉलीवुड फिल्म्स भी नहीं देखी कि सीधे कैरेक्टर में उतर जाऊं।
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14 OCT. 2025 · कई बार बहुत छोटा लगता है, जब मैं अपना सिर उठा कर आकाश की ओर ताकता हूं। लगता है इतनी बड़ी कायनात में मैं कहां खड़ा हूं? इस बात की कोई महत्ता भी है?
Spoken word poetry in Hindi by Lokesh Gulyani
Información
| Autor | Lokesh Gulyani |
| Organización | Lokesh Gulyani |
| Categorías | Filosofía |
| Página web | - |
| lokesh.gulyani@yahoo.in |
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